LOVE JIHAD- TRUE STORY


मैं आपको जो कहानी बताने जा रही हूँ वो कोई मनगढ़ंत या सुनी -सुनाई नहीं हैं बल्कि मेरी एक सहेली की आपबीती हैं.
मेरी एक सहेली अर्चना जो मेरे साथ पहली कक्षा से पढ़ती हैं और आज भी हम दोनों बहुत अच्छी सहेलिया हैं उसने जीवन में एक ऐसा धोखा खाया हैं, जो भगवान् ना के किसी और को मिले.
जब हम लोग कक्षा नौ में पढ़ते थे तब अर्चना को अकरम नाम के एक लड़के से प्रेम हो गया था. अकरम शादी-शुदा था और अर्चना को उसने जो बताया था उसके हिसाब से वो अपनी पत्नी के कारण बहुत दुखी था. उसकी शादी जबरदस्ती कर दी गयी थी और वो चाहता था की किसी हिन्दू लड़की से शादी करे क्योकि हिन्दू लड़की सुलझी हुई और शालीन होती हैं. हिन्दू लड़की संस्कारवान होती हैं. अर्चना ने उसके लिखे कुछ पत्र मुझे दिखाए थे. उसमे से कुछ खून से लिखे हुए थे. इसके बाद भी मैं अर्चना को समझाती थी की वो अकरम से दूर रहे. लेकिन अर्चना एक दिन उसकी बातों में आ ही गयी. दरअसल एक दिन अर्चना को अकरम के एक दोस्त ने बताया कि अर्चना की लगातार” ना ‘ सुनकर अकरम ने जहर खा लिया हैं और वो अस्पताल में भर्ती हैं. अर्चना जब उसे देखने गयी तब अकरम को सलाइन लगाई हुई थी और उसके दोस्तों ने बताया कि अकरम मौत के मुहँ से वापस आया हैं अब यदि वापस ऐसा हुआ तो उसे बचाना मुश्किल होगा. बस…..यही से उनके प्रेम की दास्ताँ शुरू होती हैं.
उसके बाद अर्चना का ना पढने में मन लगा ना हमारी दोस्ती बची. क्योकि मेरे घर तक ये बात पहुँच चुकी थी इसलिए अर्चना का मेरे घर आना-जाना बंद हो गया था मुझे सख्त हिदायत थी की मैं उसके साथ ना रहू. लेकिन मैं छुपकर उससे मिलती रही. हर बार उसकी बातों से मुझे लगता रहा की वो एक जाल में फंस रही हैं. लेकिन उसको समझाने की सजा मुझे भी बहुत भयानक मिली. अकरम और उसके दोस्तों ने मुझे बदनाम करना शुरू कर दिया. लेकिन मेरे परिवार का अपना एक नाम हैं शहर में. लोग जानते थे की महाजन परिवार की लडकिया कैसी हैं. फिर मैंने अर्चना का साथ छोड़ दिया. मुझे बाहर से पता चलता था की अर्चना घर से पैसे, सोना तक चुराकर अकरम को देती हैं ताकि अकरम उसकी पत्नी को एक moti रकम देकर उससे निजात पा ले और अर्चना से शादी कर ले. जब मैं बारहवी कक्षा में थी तब मैंने ये तक सुना की अर्चना ने गर्भपात करवाया हैं. एक बार नहीं दो बार. और जब मैंने ये सुना तब मुझसे रहा नहीं गया. मैंने अर्चना को बाहर मिलने बुलाया वो भी एक मंदिर में और कहा की भगवान् की कसम खाकर कहो की ये झूठ हैं….अर्चना का जवाब था की वो किसी भगवान् को नहीं जानती, अगली बार “दरगाह’ पर बुलाना. लेकिन ये भी कहा की मैंने जो सुना हैं वो सच हैं. उसके बाद अर्चना मानो अकरम और उसके दोस्तों की संपत्ति बन गयी थी. मैं ज्यादा खुलकर नहीं लिख सकती लेकिन अब अर्चना सिर्फ अकरम की नहीं रह गयी थी. उसके माता-पिता परेशान थे. दोनों छोटे भाई परेशान थे. कोई कहता था की ये काला जादू हैं.
अंत में अर्चना को मुम्बई ले जाया गया जहाँ उसकी शादी एक ऐसे हिन्दू आदमी से कर दी गयी जो उम्र में अर्चना से कम से कम 20 साल बड़ा था. तब तक अर्चना ने खुद के परिवार को आर्थिक रूप से भी बर्बाद कर दिया था. अकरम ने उसकी शादी के बाद अर्चना की छोटी बहन दर्शना के पीछे लड़के लगा दिए , मजबूरन दर्शना की शादी बहुत कम आयु में कर देना पड़ी. बाद में अकरम ने कभी उन्हें परेशान नहीं किया क्योकि उसका काम तो निकल चुका था. उसे बिना पैसे खर्च किये एक वैश्या चाहिए थी. जो आगे से उसे पैसे दे और बाकी सब भी. उसके बाद शायद उसने किसी अन्य हिन्दू लड़की को फसा लिया होगा.आप इस बारे में सोचिये कि क्या इस काम के लिए उसे कोई मुस्लिम लड़की नहीं मिली ??? चार साल तक वो उसका आर्थिक, मानसिक और शारीरिक शोषण करता रहा. तब ये बात समझ में नहीं आई लेकिन आज लगता हैं कि वो भी एक “लव जेहाद” था.जिसके लिए अरब देश नहीं बल्कि खुद एक हिन्दू लड़की से उस मुस्लिम आदमी को पैसा मिल रहा था.
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Posted on August 29, 2011, in Views. Bookmark the permalink. Leave a comment.

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