भला करो भगवान


भला करो भगवान सबका भला करो /
हम सब आये शरण तिहारी, भगवन सुनलो विनय हमारी
/
दो बुध्दि का दान-सबका भला करो //
अंग-अंग सब रोग-रहित हों, मानव का मानव से हित हो
/
करो स्वास्थ्य प्रदान-सबका भला करो //
श्रध्दा सीखें श्रध्दानन्द  से, दया को धारें दयानन्द से
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दिया घातक को दान-सबका भला करो //
बुरे कर्म के पास न जाएँ, रल-मिल के तेरे गुण गावें
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यही विजय का गान-सबका भला करो //
शुध्द सरल सबका जीवन हो, तेरी भक्ति में तन-मन हो
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मानव बने महान-सबका भला करो /
वैदिक धर्म के व्रत को पालें, राम कृष्ण की संस्कृति धारें
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बनें वीर हनुमान-सबका भला करो //
तुम हो सारे जग के पालक, मात-पिता तुम, हम हैं बालक
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मागें ये वरदान-सबका भला करो //
सूरज पृथ्वी चाँद सितारे, चमकें सारे न्यारे-न्यारे
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करें तेरा गुणगान-सबका भला करो //
गर्भ में कैसे गात बनाओ-गात बनाकर जोत जगाओ /
है बुध्दि हैरान-सबका भला करो //
उसी बीज से फूल उगाये, कांटे भी उस बीज में पाए
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कह ना सके जुबान-सबका भला करो //
शुध्द विचार कुटी में भर दो, बुरी भावना दूर ही कर दो
/
हो सबका कल्याण-सबका भला करो //
आशानन्द जब अंत समय हो, रोम-रोम में ओम की लय हो
/
ओ३म से छूटें प्राण-सबका भला करो //
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Posted on October 28, 2011, in poems. Bookmark the permalink. Leave a comment.

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