दरगाह अजमेर शरीफ और हिन्दुओं की अज्ञानता


डॉ विवेक आर्य

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी की भारत यात्रा का नया शगूफा अजमेर की यात्रा और ख्वाजा गरीब नवाज़ की दरगाह पर जाकर मन्नत मांगना. इस यात्रा के दो मुख्य पहलु हैं एक राजनैतिक जो इस लेख का विषय नहीं हैं दूसरा धार्मिक जिसमें विशेष रूप से अजमेर की यात्रा हैं. यह ख्वाजा मुइनुद्दीन चिस्ती जिन्हें गरीब नवाज़ भी कहा जाता हैं कौन थे? यह इतने प्रसिद्ध कैसे हो गए? क्या उनकी दरगाह पर जाकर मन्नत मांगने से हिंदुयों का भला होता हैं? क्या उनकी दरगाह पर मन्नत मांगने वालो की सभी मन्नते पूरी होती हैं?

कहाँ से आये थे? इन्होने हिंदुस्तान में क्या किया और इनकी कब्र पर चादर चदाने से हमे सफलता कैसे प्राप्त होती हैं? गरीब नवाज़ का जन्म ११४१ में अफगानिस्तान में हुआ था .गरीब नवाज़ भारत में लूटपाट करने वाले , हिन्दू मंदिरों का विध्वंश करने वाले ,भारत के अंतिम हिन्दू राजा पृथ्वी राज चौहान को हराने वाले व जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करने वाले मुहम्मद गौरी के साथ भारत में शांति का पैगाम? लेकर आये थे.पहले वे दिल्ली के पास आकर रुके फिर अजमेर जाते हुए उन्होंने करीब ७०० हिन्दुओ को इस्लाम में दीक्षित किया(Ref- page 117 vol. 1 a history of Sufism in India –Saiyid Athar Abbas Rizvi). अजमेर में वे जिस स्थान पर रुके उस स्थान पर तत्कालीन हिन्दू राजा पृथ्वी राज चौहान का राज्य था. ख्वाजा के बारे में चमत्कारों की अनेको कहानियां प्रसिद्ध हैं की जब राजा पृथ्वी राज के सैनिको ने ख्वाजा के वहां पर रुकने का विरोध किया क्योंकि वह स्थान राज्य सेना के ऊँटो को रखने का था तो पहले तो ख्वाजा ने मना कर दिया फिर क्रोधित होकर शाप दे दिया की जाओ तुम्हारा कोई भी ऊंट वापिस उठ नहीं सकेगा. जब राजा के कर्मचारियों नें देखा की वास्तव में ऊंट उठ नहीं पा रहे हैं तो वे ख्वाजा से माफ़ी मांगने आये और फिर कहीं जाकर ख्वाजा ने ऊँटो को दुरुस्त कर दिया. दूसरी कहानी अजमेर स्थित आनासागर झील की हैं. ख्वाजा अपने खादिमो के साथ वहां पहुंचे और उन्होंने एक गाय को मारकर उसका कबाब बनाकर खाया.कुछ खादिम पनसिला झील पर चले गए कुछ आनासागर झील पर ही रह गए .उस समय दोनों झीलों के किनारे करीब १००० हिन्दू मंदिर थे, हिन्दू ब्राह्मणों ने मुसलमानों के वहां पर आने का विरोध किया और ख्वाजा से शिकायत करी.ख्वाजा ने तब एक खादिम को सुराही भरकर पानी लाने को बोला.जैसे ही सुराही को पानी में डाला तभी दोनों झीलों का सारा पानी सुख गया. ख्वाजा फिर झील के पास गए और वहां स्थित मूर्ति को सजीव कर उससे कलमा पढवाया और उसका नाम सादी रख दिया.ख्वाजा के इस चमत्कार की सारे नगर में चर्चा फैल गयी. पृथ्वीराज चौहान ने अपने प्रधान मंत्री जयपाल को ख्वाजा को काबू करने के लिए भेजा. मंत्री जयपाल ने अपनी सारी कोशिश कर डाली पर असफल रहा और ख्वाजा नें उसकी सारी शक्तिओ को खत्म कर दिया. राजा पृथ्वीराज चौहान सहित सभी लोग ख्वाजा से क्षमा मांगने आये. काफी लोगो नें इस्लाम कबूल किया पर पृथ्वीराज चौहान ने इस्लाम कबूलने इंकार कर दिया. तब ख्वाजा नें भविष्यवाणी करी की पृथ्वी राज को जल्द ही बंदी बना कर इस्लामिक सेना के हवाले कर दिया जायेगा..(Ref- ali asghar chisti- jawahir-I faridi , Lahore 1884, pp.155-160 ) .बुद्धिमान पाठकगन स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं की इस प्रकार के करिश्मो को सुनकर कोई मुर्ख ही इन बातों पर विश्वास ला सकता हैं

निजामुद्दीन औलिया जिसकी दरगाह दिल्ली में स्थित हैं ने भी ख्वाजा का स्मरण करते हुए कुछ ऐसा ही लिखा हैं. उनका लिखना हैं की न चाहते हुए भी ख्वाजा की चमत्कारी शक्तियों के कारण पृथ्वीराज चौहान को ख्वाजा का अजमेर में रहना स्वीकार करना पड़ा. ख्वाजा का एक खादिम जो की मुस्लिम था से पृथ्वीराज किसी कारण से असंतुष्ट हो गया. तब ख्वाजा ने पृथ्वीराज को उस पर कृपा दृष्टि बनाये रखने के लिए कहा जिसे पृथ्वीराज ने मना कर दिया. इस पर ख्वाजा ने भविष्यवाणी कही की कुछ ही समय में पृथ्वीराज को पकड़ कर इस्लाम कि सेना के हवाले कर दिया जायेगा और कुछ समय बाद मुआम्मद गोरी ने आक्रमण कर पृथ्वीराज के राज्य का अंत कर दिया.(Ref- amir khwurd, siyaru’l – auliya, delhi,1885,pp.45-47)

भारत से सदा सदा के लिए हिन्दू वैदिक धर्म का राज्य मिताने वाले ख्वाजा गरीब नवाज़ कि दरगाह पर जाकर मन्नत मांगने वालों से , पूरे देश में स्थान स्थान पर बनी कब्रों पर हर वीरवार को जाकर मन्नत करने वालों से मेरे कुछ प्रश्न हैं-

१.क्या एक कब्र जिसमे मुर्दे की लाश मिट्टी में बदल चूँकि हैं वो किसी की मनोकामना पूरी कर सकती हैं?

२. सभी कब्र उन मुसलमानों की हैं जो हमारे पूर्वजो से लड़ते हुए मारे गए थे, उनकी कब्रों पर जाकर मन्नत मांगना क्या उन वीर पूर्वजो का अपमान नहीं हैं जिन्होंने अपने प्राण धर्म रक्षा करते की बलि वेदी पर समर्पित कर दियें थे?

३. क्या हिन्दुओ के राम, कृष्ण अथवा ३३ करोड़ देवी देवता शक्तिहीन हो चुकें हैं जो मुसलमानों की कब्रों पर सर पटकने के लिए जाना आवश्यक हैं?

४. जब गीता में श्री कृष्ण जी महाराज ने कहाँ हैं की कर्म करने से ही सफलता प्राप्त होती हैं तो मजारों में दुआ मांगने से क्या हासिल होगा?

५. भला किसी मुस्लिम देश में वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप, हरी सिंह नलवा आदि वीरो की स्मृति में कोई स्मारक आदि बनाकर उन्हें पूजा जाता हैं तो भला हमारे ही देश पर आक्रमण करने वालो की कब्र पर हम क्यों शीश झुकाते हैं?

६. क्या संसार में इससे बड़ी मुर्खता का प्रमाण आपको मिल सकता हैं?

७. हिन्दू जाति कौन सी ऐसी अध्यात्मिक प्रगति मुसलमानों की कब्रों की पूजा कर प्राप्त कर रहीं हैं जो वेदों- उपनिषदों में कहीं नहीं गयीं हैं?

८. कब्र पूजा को हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल और सेकुलरता की निशानी बताना हिन्दुओ को अँधेरे में रखना नहीं तो क्या हैं ?

आशा हैं इस लेख को पढ़ कर आपकी बुद्धि में कुछ प्रकाश हुआ होगा . अगर आप आर्य राजा राम और कृष्ण जी महाराज की संतान हैं तो तत्काल इस मुर्खता पूर्ण अंधविश्वास को छोड़ दे और अन्य हिन्दुओ को भी इस बारे में बता कर उनका अंध विश्वास दूर करे.

[Tagged- ajmer, prithviraj chauhan garb nawaz khwaja islam hindi annasagar muhammad gauri gazni pakistan india sufi secular zakir naik wahabi deobandi christianity superstitions ]

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Posted on April 8, 2012, in Islam. Bookmark the permalink. 24 Comments.

  1. नमस्ते विवेक जी ! लेख के लिए आभार, लेख के शीर्षक में “हिन्दुओं की ” अशुद्ध लिखा हुआ है, कुछ मेरे मित्रों ने इस छोटी से अशुद्धि से ही लेख की प्रामाणिकता पर संदेह किया | उनके लिये यदि शुद्ध कर देंगे तो अच्छा होगा |

  2. ओरंगजेब ने हिंदुस्तान के हित में ऐसा क्या काम किया जो आज भी हिंदुस्तान में उस हत्यारे और लुटरे के नाम पर रास्तो, सड़कों का नामकरण किया जा रहा हे और उसके खंडरों को सरक्षण दिया जा रहा हे ?

  3. Great points all hindus should wake up. Dead man kabr can be no benefit to any one.

    • dear brothoer….benefit to mitti ke putle aur but bhi nahi dete, jinhe hindu dharm me pooja jaata hai….
      aapn hindu dharm ke grantho ko kabhi padte, to pata chalta ki….Hindu dharm me bhi buto aur kai alag devtaao ko poojne ki manaahi hai…

  4. कहते है, जिसका पेट भरा होता है, वह यही समझता है कि सभी का पेट भरा है/ आप अपने नाम के साथ आर्य लगा कर मुर्खतापूर्ण कार्य कर रहे हैं / मैं गर्व से कहता हूँ कि मैं इस्लाम को मानता हूँ / आप को एक और बात बता दू / मैं अपनी स्कूलिंग भी आर्य समाज से कि है / अगर आप को कुछ सीखना है तो दया नन्द सरस्वती, स्वामी विवेकानंद से सीखें / तभी आप इंसानियत को समझ सकेंगे/ रही बात तुलनात्मक अध्यन की तो इतिहास एक पक्ष के नहीं देखा जाता/ जहाँ अन्धकार है वहां प्रकाश होगा / यही बात पृथ्वी राज चौहान के साथ हुई / इसमें भी कोई शक नहीं की पृथ्वी राज चौहान वीर था / लेकिन वह निष्पक्ष भी निर्णय नहीं देता था / और अपने स्तर अच्छा कार्य करता रहा होगा / और किया भी होगा / रही बात ख्वाज़ा साहब की तो ख्वाज़ा साहब एक फकीर थे / उन्होंने किसी के साथ अन्याय नहीं किया / जयपाल तांत्रिक जोकि पृथ्वी राज चौहान का महामंत्री था/ उसने अपने स्तर पर ख्वाज़ा साहब को मरने को कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहा/ अंत में उसने इस्लाम कबूल किया / वह उनका शिष्य बन गया /
    यह बात इतिहास की हैं / आज के परिपेक्ष्य में आप हिन्दू – मुस्लिम को लड़ना बंद करे / आप जैसे ही लोग इंसानियत को तार तार करते हैं / मैंने पहले ही कहा जिसका पेट भरा होता है वह यही समझ रहा होता है की सभी का पेट भरा है / आप कुछ विकास की बात करे / अमन की बात करे / कालका मंदिर, विरला मंदिर, और जितने भी मंदिर है मेरे से ज्यादा आप नहीं गए होगें / और एक बात और बात दू और मेरे से अच्छा यज्ञ भी नहीं करा सकते / हिन्दू क्या है और हिंदुत्व किया है इसे समझे /

    • BHAI AAP NE SHI LIKHA.HMARE DES KE FACEBOOKI NA JANE KYO HIDU —MUSLIMS –FHAKIRO,BHAGBANO,PEGAMBR,ISLAM KO BADNAM KRNE ME LAGE HE.MUJHE TO LGTA HE KI KHI YE SAJIS TO NHI HE KOYO???????INTI GANDI,BAKBS,BAHIYAT BATE KYO KISLIYE UR KYA SABIT KRNE KE LIYA LIHHI JA RHI HE.

    • dharmnirpekshta k chakkar me hindu apne hi dushmano ko ghar me panaah de rha hai

      hindutv se bada duniya koi dharm nhi
      hindutv se bada karm nhi

      kuch kattar hinduo k kaaran hi aaj hindu jinda hai

      aankhe bandh kar k adharmiyo ka nash krna hi mera dharm hai

      jai shree raam

  5. Rafique Belim

    badiya hein

  6. Rafique Belim

    truth even if bitter will always remain truth

    • What is truth? How do you come to a conclusion if anything is true or not? From evidences obviously. We all know that history has been distorted, defaced, and disfigured beyond recognition. Some would claim that Moinuddin was in fact a spy for the arab invaders who under the guise of a fakir gathered valuable intel and passed it onto the marauders after all it was him who invited them in the first place which is also a fact of history.

  7. u r very right

  8. sayad parvez ji….koi karan aap batayenge..guru govind singh ko khalsa panth banane kaa…..? .kaya karan hai ki north india mai koi bhi purana aitihasik mandir nahi hai….south mai rameshwaram, meenakshi puram adi to dikhte hai par north india mai koi nahi dikhta….kahai gai ye sabhi maindir….?..koi karan batyange aap pakistan mai jo hindu kam ho rahe hai uska……?.hala ki bharat mai..20 cror se jayada ho gai hai……kashi to aap gai hi honge..kashi vishvanath par jo gyanwapi ka dhhancha kahada hai uski pichhe ki diwa to aapne dekhi hi hogi…….to batayenge ki mandir par namaz kyo padhai jati hai…….?jara thik se batayega ki aaj ke pakistan aur bangladesh mai aisa kaya ho gaya thaa ki unko islami desh ki jarurat par gai…….?aap jayada hote ho to aap ko muslim desh turant chhiye hoya hai….kyo bhai…..?aap ke purwaj sabhi hindu the……bhaut kasto ke karan uneh jabran musalman banaya gaya…….aap kahate ho agar aisa nahi tha….to phir ..jo sare sarkari records hai aur unme jo warnan hai wo kaya hai……?aur kyo aap ke dharam ko maan ne walo ne parsiyo ko iran….se bhagaya…..?aap bharat mai to abhi humare sath rahna chhahte ho….pan SAUDIA mai aapko hum MECCA….ke 500 km ke radius mai pasand nahi hai….kyo bhai………?SAUDIA mai aap 100 % ho… to wahain..jo nakusi karne hindoo gai hai kaya wo..mandir ..puja kar sakte hai…….?…saudiya kaa kanaun to aap ko bahaut pasand hai….par usko agar abhi yahain lagu kiya jai to ..kaisa lagega aapko…..?lagaapaynge kaya aap ajan bharat mai khul ke……….? bhai baat ko samjho……..kashmir ko sub kuch dene ke….. baad bhi…bhi alag hone kaa man kyo kar raha hai……?…hoo sakata hai aap mere prashnoo ko padh kar kush hoo rahe hooo…….ki aap to pure bharat mai chhane wale hoooo……..holo khush……par dai bai ki bato ko apni post mai mat dalo…..saaf saaf bolo kaya chahte hooo……?…Jakir Naik…adi ke logic se bahar nikal kar thande dimag se cheejo ko evaluate karooo……..par kaya kar paaoge…….?

    • Very true. Muslims se poochho to Islam first Bharat later… Mere school mein meri hi class mein muslim students apni school diary pe ‘Pakistan’ likhte the… aur main unko bolta ki isko mita, to saare muslim uth khare ho jaate the ladne ke liye…

    • aapne kaha islam jor jbrdasti se faila h….. कुछ गै़र-मुस्लिम भाइयों की यह आम शिकायत है कि संसार भर में इस्लाम के मानने वालों की संख्या लाखों में भी नहीं होती यदि इस धर्म को बलपूर्वक नहीं फैलाया गया होता। निम्न बिन्दु इस तथ्य को स्पष्ट कर देंगे कि इस्लाम की सत्यता, दर्शन और तर्क ही है जिसके कारण वह पूरे विश्व में तीव्र गति से फैला, न कि तलवार से।
      1. इस्लाम का अर्थ शान्ति है
      इस्लाम मूल शब्द ‘सलाम’ से निकला है जिसका अर्थ है ‘शान्ति’। इसका दूसरा अर्थ है अपनी इच्छाओं को अपने पालनहार ख़ुदा के हवाले कर देना। अतः इस्लाम शान्ति का धर्म है जो सर्वोच्च स्रष्टा अल्लाह के सामने अपनी इच्छाओं को हवाले करने से प्राप्त होती है।
      2. शान्ति को स्थापित करने के लिए कभी-कभी बल-प्रयोग किया जाता है
      इस संसार का हर इंसान शान्ति एवं सद्भाव के पक्ष में नहीं है। बहुत से इंसान अपने तुच्छ स्वार्थों के लिए शान्ति को भंग करने का प्रयास करते हैं। शान्ति बनाए रखने के लिए कभी-कभी बल-प्रयोग किया जाता है। इसी कारण हम पुलिस रखते हैं जो अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध बल का प्रयोग करती है ताकि समाज में शान्ति स्थापित हो सके। इस्लाम शान्ति को बढ़ावा देता है और साथ ही जहाँ कहीं भी अत्याचार और जु़ल्म होते हैं, वह अपने अनुयायियों को इसके विरुद्ध संघर्ष हेतु प्रोत्साहित करता है। अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष में कभी-कभी बल-प्रयोग आवश्यक हो जाता है। इस्लाम में बल का प्रयोग केवल शान्ति और न्याय की स्थापना के लिए ही प्रयोग किया जा सकता है। धर्म-परिवर्तन के लिए तो बल का प्रयोग इस्लाम में निषिद्ध है और कई-कई सदियों के मुस्लिम-शासन का इतिहास कुछ संभावित नगण्य अपवादों (Exceptions) को छोड़कर, बलपूर्वक धर्म-परिवर्तन कराने से ख़ाली है।
      3. इतिहासकार डीलेसी ओ-लेरी (Delacy O’Leary) के विचार
      इस्लाम तलवार से फैला इस ग़लत विचार का सबसे अच्छा उत्तर प्रसिद्ध इतिहासकार डीलेसी ओ-लेरी के द्वारा दिया गया जिसका वर्णन उन्होंने अपनी पुस्तक ‘इस्लाम ऐट दी क्रोस रोड’ (Islam at the cross road) में किया है—
      ‘‘यह कहना कि कुछ जुनूनी मुसलमानों ने विश्व में फैलकर तलवार द्वारा पराजित क़ौम को मुसलमान बनाया, इतिहास इसे स्पष्ट कर देता है कि यह कोरी बकवास है और उन काल्पनिक कथाओं में से है जिसे इतिहासकारों ने कभी दोहराया है।’’(पृष्ठ-8)
      4. मुसलमानों ने स्पेन पर 800 वर्ष शासन किया
      मुसलमानों ने स्पेन पर लगभग 800 वर्ष शासन किया और वहाँ उन्होंने कभी किसी को इस्लाम स्वीकार करने के लिए मज़बूर नहीं किया। बाद में ईसाई धार्मिक योद्धा स्पेन आए और उन्होंने मुसलमानों का सफाया कर दिया (सिर्फ़ उन्हें जीवित रहने दिया जो बलपूर्वक ईसाई बनाए जाने पर राज़ी हो गए, यद्यपि ऐसे विधर्मी कम ही हुए।
      5. एक करोड़ चालीस लाख अरब आबादी नसली ईसाई हैं
      अरब में कुछ वर्षों तक ब्रिटिश राज्य रहा और कुछ वर्षों तक फ्रांसीसियों ने शासन किया। बाक़ी लगभग 1300 वर्ष तक मुसलमानों ने शासन किया। आज भी वहाँ एक करोड़ चालीस लाख अरब नसली ईसाई हैं। यदि मुसलमानों ने तलवार का प्रयोग किया होता तो वहाँ एक भी अरब मूल का ईसाई बाक़ी नहीं रहता।
      6. भारत में 80 प्रतिशत से अधिक गै़र-मुस्लिम
      मुसलमानों ने भारत पर लगभग 1000 वर्ष शासन किया। यदि वे चाहते तो भारत के एक-एक ग़ैर-मुस्लिम को इस्लाम स्वीकार करने पर मज़बूर कर देते क्योंकि इसके लिए उनके पास शक्ति थी। आज 80 प्रतिशत ग़ैर-मुस्लिम भारत में हैं जो इस तथ्य के गवाह हैं कि इस्लाम तलवार से नहीं फैलाया गया।
      7. इन्डोनेशिया और मलेशिया
      इन्डोनेशिया (Indonesia) एक ऐसा देश है जहाँ संसार में सबसे अधिक मुसलमान हैं। मलेशिया (Malaysia) में मुसलमान बहुसंख्यक हैं। यहाँ प्रश्न उठता है कि आखि़र कौन-सी मुसलमान सेना इन्डोनेशिया और मलेशिया र्गईं। इन दोनों देशों में, मध्यवर्तीकाल में मुस्लिम-शासन रहा ही नहीं।
      8. अफ्ऱीक़ा का पूर्वी तट
      इसी प्रकार इस्लाम तीव्र गति से अफ्रीक़ा के पूर्वी तट पर फैला। फिर कोई यह प्रश्न कर सकता है कि यदि इस्लाम तलवार से फैला तो कौन-सी मुस्लिम सेना अफ्रीक़ा के पूर्वी तट की ओर गई थी?
      9. थॉमस कारलायल
      प्रसिद्ध इतिहासकार ‘थॉमस कारलायल’ (Thomas Carlyle) ने अपनी पुस्तक Heroes and Hero Worship (हीरोज़ एंड हीरो वरशिप) में इस्लाम के प्रसार से संबंधित ग़लत विचार की तरफ़ संकेत करते हुए कहा है—
      ‘‘तलवार!! और ऐसी तलवार तुम कहाँ पाओगे? वास्तविकता यह है कि हर नया विचार अपनी प्रारम्भिक स्थिति में सिर्फ़ एक की अल्पसंख्या में होता है अर्थात् केवल एक व्यक्ति के मस्तिष्क में। जहाँ यह अब तक है। पूरे संसार का मात्र एक व्यक्ति इस विचार पर विश्वास करता है अर्थात् केवल एक मनुष्य सारे मनुष्यों के मुक़ाबले में होता है। वह व्यक्ति तलवार लेता है और उसके साथ प्रचार करने का प्रयास करता है, यह उसके लिए कुछ भी प्रभावशाली साबित नहीं होगा। सारे लोगों के विरुद्ध आप अपनी तलवार उठाकर देख लीजिए। कोई वस्तु स्वयं फैलती है जितनी वह फैलने की क्षमता रखती है।’’
      10. ‘धर्म में कोई ज़ोर-ज़बरदस्ती नहीं’
      किस तलवार से इस्लाम फैला? यदि यह तलवार मुसलमान के पास होती तब भी वे इसका प्रयोग इस्लाम के प्रचार के लिए नहीं कर सकते थे। क्योंकि पवित्र क़ुरआन में कहा गया है—
      ‘‘धर्म में कोई ज़ोर-ज़बरदस्ती नहीं है, सत्य, असत्य से साफ़ भिन्न करके प्रस्तुत हो चुका है।’’ (क़ुरआन, 2:256)
      11. बुद्धि की ‘‘तलवार’’
      यह बुद्धि और मस्तिष्क की तलवार है। यह वह तलवार है जो हृदयों और मस्तिष्कों पर विजय प्राप्त करती है। पवित्र क़ुरआन में है—
      ‘‘लोगों को अल्लाह के मार्ग की तरफ़ बुलाओ, बुद्धिमत्ता और सदुपदेश के साथ, और उनसे वाद-विवाद करो उस तरीके़ से जो सबसे अच्छा और निर्मल हो।’’
      (क़ुरआन, 16:125)
      12. 1934 से 1984 ई॰ तक में संसार के धर्मों में वृद्धि
      रीडर्स डाइजेस्ट के एक लेख अलमेनेक, वार्षिक पुस्तक 1986 ई॰ में संसार के सभी बड़े धर्मों में लगभग पचास वर्षों 1934 से 1984 ई॰ की अवधि में हुई प्रतिशत वृद्धि का आंकलन किया गया था। यह लेख ‘प्लेन ट्रुथ’(Plain Truth) नाम की पत्रिका में भी प्रकाशित हुआ था जिसमें इस्लाम को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया जिसकी वृद्धि 235 प्रतिशत थी और ईसाइयत में मात्र 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। यहाँ प्रश्न उठता है कि इस सदी में कौन-सा युद्ध हुआ जिसने, या कौन-कौन से क्रूर मुस्लिम शासक थे जिन्होंने लाखों लोगों का धर्म परिवर्तन करके उन्हें ज़बरदस्ती इस्लाम में दाखि़ल किया।
      13. अमेरिका और यूरोप में इस्लाम सबसे अधिक फैल रहा है
      आज अमेरिका में तीव्र गति से फैलने वाला धर्म इस्लाम है और यूरोप में भी यही धर्म सबसे तेज़ी से फैल रहा है। कौन-सी तलवार पश्चिम को इतनी बड़ी संख्या में इस्लाम स्वीकार करने पर मज़बूर कर रही है?

      • Bhai tum log bachche hi itne zyada paida karte rehte ho to failna to wazib hai.. 😛

      • में मानता हूँ की आप सही है
        पर दूसरा पक्ष को क्यों नकार रहे है
        अगर स्लाम शांति का दूसरा नाम है तो आज इसे आतंक का दूसरा नाम क्यों दिया जा रहा है
        क्यों आज 100 में से 99 आतंकवादी स्लाम से जुड़े होते है

      • To akabar ne to islam alag trike se sabit kiya tha jo akabar londa tha

        Or maharana pratap ko samne se var karne se uski gand bajti thi

        Vo 1 kapti tha bujdil tha jo pichhe se var karta tha

  9. razaraza this copy paste is very old which runs in islamic world to project that islam is a peaceful sect. instead of talking here and there you are saying that our country have 80% non muslim polulation inspite of 800 years of islamic rule. my simple doubt is that why do you limit the boundaries of our country to present situation. add afganistan/pakistan/bangladesh/nepal/malaysia/java/sumatra/indonesia/phillipines/thailand/maldives/iran/iraq/middle east countries and now you will find that total muslim strength is 80% while hindus onloy 20%. they were originally 100% hindus forcible or by hook or crook converted to islam including your forfathers.

    • अगर इस्लाम का मतलब शान्ति है तो आज पूरी दुनिया जानती है की जितना उपद्रव इस्लामिक मचा रहे है उतना कोई दूसरा धर्म नही, जैसे ISIS वाले अलकायदा वाले, ये सब क्या है , कोई बता दे कि हिन्दू भी अपने धर्म के लिए किसी के ऊपर आक्रमण करते है , या किसी देश पे पहले चढाइ करतऐ है

  10. Swami viveka nanad ki books pado eslam k bare me un k ketne uch wechar te pta chal jaye ga

  11. It proves how superstitious hindu are
    And we have no faith in our religion

  12. Fitna faila rahe ho aap…..kabhi khwaja ji ke aastane pe jaakar dekho aap bhi unke deene na ho gay to kahna

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