इस धरा पर मालिक का वरदान हैं बेटी


beti
 
बाबुल की आन और शान हैं बेटी,
 
इस धरा पर मालिक का वरदान हैं बेटी,
 
जीवन यदि संगीत है तो सरगम  हैं बेटी,
 
रिश्तो के कानन में भटके इन्सान की मधुबन सी मुस्कान हैं बेटी,

जनक की फूलवारी में कभी प्रीत की क्यारी में,

रंग और सुगंध का महका गुलबाग हैं बेटी,

त्याग और स्नेह की सूरत है,

दया और रिश्तो की मूरत हैं बेटी,

कण– कण है कोमल सुंदर अनूप है बेटी,

ह्रदय की लकीरो का सच्चा रूप  हैं बेटी ,

अनुनय,विनय, अनुराग है बेटी,

इस वसुधा और रीत और प्रीत का राग है बेटी,

माता–पिता के मन का वंदन है बेटी,

भाई के ललाट का चंदन है बेटी.

SAVE GIRL CHILD-SAVE HUMANITY- A DRIVE BY AGNIVEER
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About Fan of Agniveer

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Posted on December 18, 2012, in poems. Bookmark the permalink. 2 Comments.

  1. Haa par etna dhyan jaroor rakhe ki wo khangaress ya unke prayojit sarkaro ke kchetra me na basar krtee ho .

  2. Reblogged this on Arya Archives.

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